29 जिलों में बारिश का खतरा, येलो और ऑरेंज अलर्ट लागू
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ते ही मेघ मेहरबान हो गए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। बीते शनिवार को राज्य के 20 से अधिक जिलों में मध्यम से लेकर भारी बौछारें पड़ीं, जिसके कारण नदी-नाले उफान पर आ गए और कई शहरों की सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार के लिए अपनी चेतावनी जारी करते हुए प्रदेश के 20 जिलों में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' और 9 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
हादसों में गई तीन जानें, थमा सड़कों पर ट्रैफिक
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के दो दर्जन से ज्यादा जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कुछ दुखद हादसे भी सामने आए, जहां आष्टा के बापचा दोनिया गांव में पानी में डूबने से दो मासूम बच्चों की जान चली गई। वहीं, उज्जैन की बड़नगर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गावड़ी लोधा में बीते 2 जुलाई को उफनते नाले में बहे सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह (35 वर्ष) का शव लंबी खोजबीन के बाद बरामद कर लिया गया है। खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक में स्थित गरबड़ी नाले में आई बाढ़ के कारण खिरकिया मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और तापमान में गिरावट आई है। दर्ज आंकड़ों के अनुसार इंदौर में तापमान 26.2 डिग्री, भोपाल में 30.8 डिग्री, उज्जैन में 31.8 डिग्री, जबलपुर में 33.8 डिग्री और ग्वालियर में 37 डिग्री सेल्सियस रहा।
रविवार को इन क्षेत्रों में मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की है। बैतूल, बड़वानी, धार, रतलाम, शाजापुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर, उज्जैन, देवास, आगर, मंदसौर, नीमच, अनूपपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी और पन्ना जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है। वहीं भोपाल, विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में तेज हवाओं और वज्रपात के साथ झंझावात की स्थिति बनी रह सकती है।
प्रदेश में वर्षा के मौजूदा आंकड़े और आगामी अनुमान
यदि चालू सीजन में बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 1 जून से 4 जुलाई 2026 तक की अवधि में मध्यप्रदेश में सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम पानी बरसा है। इस दौरान क्षेत्रीय असमानता भी देखने को मिली है, जहां पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के हिस्से में औसत से 17 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई के महीने में मानसून की स्थिति काफी मजबूत रहेगी, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की पूरी उम्मीद है।

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