लापरवाही की परतें खुलीं, बरगी क्रूज हादसे में प्रशासन पर सवाल
जबलपुर: मध्यप्रदेश के मशहूर बरगी डैम में हाल ही में हुए क्रूज हादसे को लेकर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले की जांच के दौरान मौसम विभाग (IMD) सहित शासन के कई बड़े महकमों की गंभीर लापरवाही खुलकर सामने आई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पर्यटकों को सैर कराने वाला यह क्रूज बिना किसी बीमा (इंश्योरेंस) के ही पानी में उतारा गया था, यानी इसमें सवार सैकड़ों लोगों की जिंदगी बिना किसी सुरक्षा कवच के दांव पर लगी हुई थी।
मौसम विभाग की चेतावनी को किया नजरअंदाज
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले दिन मौसम विभाग (IMD) की ओर से तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। नियमों के अनुसार, ऐसे खराब मौसम की चेतावनी मिलने पर क्रूज के संचालन को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए था। लेकिन संबंधित महकमों और क्रूज प्रबंधन ने इस जरूरी चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी की वजह से ही क्रूज बीच मझधार में फंस गया और यह बड़ा हादसा हो गया।
बिना इंश्योरेंस के चल रहा था क्रूज
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी लापरवाही क्रूज के कानूनी दस्तावेजों और सुरक्षा नियमों को लेकर सामने आई है। जांच में पता चला है कि जिस क्रूज में रोजाना सैकड़ों पर्यटक सफर कर रहे थे, उसका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस या यात्रियों का सुरक्षा बीमा था ही नहीं। बिना वैध इंश्योरेंस के इतने बड़े क्रूज को पानी में चलने की अनुमति कैसे मिली, इसे लेकर अब पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिम्मेदार महकमों की साठगांठ की खुलेगी पोल
बरगी क्रूज हादसे ने साफ कर दिया है कि जल पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर पर्यटकों की सुरक्षा से सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा था। बिना फिटनेस और बिना वैध दस्तावेजों के क्रूज का संचालन होना कहीं न कहीं विभाग के अधिकारियों और क्रूज संचालकों के बीच की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। इस खुलासे के बाद अब सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और माना जा रहा है कि लापरवाही बरतने वाले कई बड़े अधिकारियों पर जल्द ही गाज गिर सकती है।

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