भोपाल|मध्य प्रदेश में राज्‍यसभा चुनावों के लिए अभी कुछ समय बाकी हैं, लेकिन चुनावों से पहले ही सियासी पारा हाई हो चुका है. इसके साथ ही कांग्रेस की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं. अप्रैल में बीजेपी के 2 और कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इन्हीं सीटों के लिए चुनाव होने वाला है. मौजूदा संख्या बल के अनुसार बीजेपी के लिए दो सीटें जीतना बहुत आसान है तो वहीं कांग्रेस की एक सीट भी पक्की मानी जा रही है. लेकिन सभी को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है|

मध्य प्रदेश में कुल विधायकों की संख्या 230 है. लेकिन इनमे से कांग्रेस के एक विधायक को वोट देने का अधिकार ही नही है. जबकि एक विधायक की सदस्यता समाप्त हो गई है. इस हिसाब से प्रदेश में मौजूदा विधायकों की संख्या 228 हो गई है|

बीजेपी विधायकों की संख्या 164 और कांग्रेस के कुल विधायकों की संख्या 65 है. एक विधायक की सदस्यता समाप्त हो गई तो वहीं एक विधायक को वोट देने का अधिकार नहीं है जबकि बीना विधायक की स्‍थ‍ित‍ि स्पष्ट नहीं है. इसके अनुसार कांग्रेस के पास कुल 62 विधायक ही मौजूद हैं. वही एक विधायक भारत आद‍िवासी पार्टी से भी जो खुद अपना उम्‍मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं|

कांग्रेस को किस बात का डर

कांग्रेस के विधायकों की संख्या को देखें तो इससे तय है कि एक सीट आराम से जीती जा सकती है. लेकिन बीजेपी तीसरे उम्मीदवार को उतारने की तैयारी कर रही है. यही वो वजह है जिसने सबके माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है|

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोट की जरूरत है. भाजपा अपने 116 विधायकों के साथ 2 सीटें आसानी से जीतेगी. इसके बाद भी बीजेपी के पास 49 विधायक हैं. ऐसे में अगर कांग्रेस के 7 विधायक क्रॉस वोटिंग या फिर वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते हैं तो स्‍थ‍ित‍ि पूरी तरह से बदल जाएगी. हालांकि कांग्रेस भी अपने विधायकों को एकजुट करने में लगी हुई है|

बीजेपी भी तैयारी में जुटी

बीजेपी की मध्य प्रदेश में 2 राज्‍यसभा सीटों पर जीत तय है. वहीं तीसरे के लिए भी जोर आजमाइश की जा सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में अन्‍य राज्‍यों में हुए राज्‍यसभा चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन शानदार रहा है. बिहार में कई विधायकों के वोट न करने का फायदा सीधे तौर पर बीजेपी को मिला है. ऐसे में मध्य प्रदेश में भी अन्‍य राज्‍यों के जैसा ही खेल देखने को मिल सकता है|

बीजेपी के प्रदेश स्तर के शीर्ष रणनीतिकारों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है. ऐसे में आने वाले द‍िनों में राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो सकती है. क्रॉस वोटिंग के लिए बीजेपी के निशाने पर ऐसे व‍िधायक हैं जो कांग्रेस के टिकट पर जीतकर आए हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं और सरकार के कामकाज के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं|