मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए अच्छी खबर, 12 जुलाई से दौड़ेगी टनकपुर–नांदेड़ एक्सप्रेस
ग्वालियर। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन संख्या 17631/17632 नांदेड़–टनकपुर–नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस को नियमित रूप से चलाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह नई रेल सेवा आगामी 12 जुलाई 2026 से पटरी पर पूरी तरह नियमित हो जाएगी। इस ट्रेन के शुरू होने से ग्वालियर, झांसी, बीना, इटारसी, खंडवा और अकोला जैसे कई बड़े और प्रमुख शहरों के यात्रियों को एक नया और सीधा रेल संपर्क मिल सकेगा।
रविवार को नांदेड़ और मंगलवार को टनकपुर से भरेगी उड़ान
रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के मुताबिक, गाड़ी संख्या 17631 नांदेड़–टनकपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस हर रविवार को रात 11:40 बजे नांदेड़ से अपनी यात्रा शुरू करेगी। यह ट्रेन पूर्णा, अकोला, खंडवा, इटारसी, बीना, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा, कासगंज, बदायूं, बरेली, इज्जतनगर, पीलीभीत और खटीमा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए मंगलवार सुबह 5:55 बजे टनकपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 17632 टनकपुर–नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक मंगलवार को सुबह 9:00 बजे टनकपुर से रवाना होगी, जो उसी रात 8:40 बजे ग्वालियर आएगी और बुधवार शाम 4:30 बजे नांदेड़ पहुंचेगी।
पर्यटन, व्यापार और धार्मिक यात्राओं को मिलेगा बढ़ावा
इस नई साप्ताहिक ट्रेन सेवा के नियमित संचालन से चार बड़े राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आपसी रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। विशेष रूप से ग्वालियर और चंबल संभाग के यात्रियों को अब नांदेड़ (सचखंड साहिब) और टनकपुर (पूर्णागिरी माता मंदिर) जैसी धार्मिक और प्रमुख जगहों पर जाने के लिए गाड़ियां बदलने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। सीधी ट्रेन मिलने से क्षेत्र के व्यापारियों, छात्र-छात्राओं, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को एक सुलभ, आरामदायक और समय बचाने वाली यात्रा की सौगात मिलेगी।
32 डिब्बों के विशाल रैक के साथ दौड़ेगी ट्रेन
यात्रियों के सफर को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे इस ट्रेन को पूरे 32 कोच (डिब्बों) की क्षमता के साथ पटरी पर उतार रहा है। इस विशाल रैक में सफर की हर श्रेणी का ध्यान रखा गया है, जिसमें 2 एसी द्वितीय श्रेणी, 4 एसी तृतीय श्रेणी, 11 स्लीपर (शयनयान), 8 सामान्य द्वितीय श्रेणी और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए 4 महिला सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच शामिल किए गए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त डिब्बे होने से लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को बर्थ और सीट की उपलब्धता में आसानी होगी, जिससे उनका सफर और अधिक सुखद बन सकेगा।

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