रायपुर| महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में जांच एजेंसी ने हाल ही में स्पोर्ट्स प्रेजेंटर और 'बिग बॉस 13' फेम शेफाली बग्गा से लंबी पूछताछ की है। इस दौरान अवैध सट्टेबाजी ऐप के प्रचार-प्रसार, घर से बरामद 30 लाख रुपये नकद, विदेश यात्राओं और महादेव सिंडिकेट के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर कई तीखे सवाल पूछे गए।

ईडी की पूछताछ में कई अहम खुलासे

जांच एजेंसियों के अनुसार, शेफाली बग्गा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को एक विशेष टेलीग्राम चैनल पर रीडायरेक्ट किया जाता था, जिस पर 24 हजार से अधिक सब्सक्राइबर्स जुड़े हुए थे। इस चैनल के माध्यम से यूजर्स को बेटिंग टिप्स, कैश-आउट के तरीके, प्रॉफिट बुक करने और ऐप से पैसे निकालने से जुड़े निर्देश साझा किए जाते थे। प्रमोशनल पोस्ट में यह दावा भी किया जाता था कि इस तरह की सट्टेबाजी से होने वाली कमाई पर कोई भी सरकारी एजेंसी या आयकर विभाग कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकता।

दुबई और लंदन कनेक्शन पर उठे सवाल

जांच के दायरे में उनकी दुबई और लंदन की यात्राएं भी शामिल हैं। पूछताछ के दौरान शेफाली बग्गा ने यह स्पष्ट किया कि उनके एंडोर्समेंट डील्स, विज्ञापनों के प्रमोशन, कैश भुगतान और अन्य वित्तीय लेनदेन का पूरा प्रबंधन उनके पिता विपिन बग्गा द्वारा संभाला जाता था। इस मामले में ईडी ने उनके पिता और भाई शिवांश बग्गा को भी समन जारी किया है, हालांकि दोनों अभी तक जांच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन विदेशी यात्राओं का कोई सीधा संबंध महादेव सिंडिकेट या हवाला नेटवर्क से तो नहीं था।

30 लाख रुपये नकद और सोशल मीडिया प्रोफाइल रडार पर

यह पूरी कार्रवाई 30 मई को दिल्ली स्थित शेफाली बग्गा के आवास पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। उस दौरान छापेमारी में एजेंसी ने 30 लाख रुपये की नकदी बरामद की थी। ईडी का यह भी दावा है कि यह रकम पूरी तरह अवैध बेटिंग ऐप के प्रचार से अर्जित की गई आय का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल, जांच एजेंसी उनके इंस्टाग्राम अकाउंट (जिस पर करीब 58 लाख फॉलोअर्स हैं) और उससे जुड़े वित्तीय खातों की गहराई से छानबीन कर रही है।