रोहित के वनडे करियर पर मंडराए सवाल, वर्ल्ड कप प्लान से जुड़े मिले अहम संकेत
लंदन: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और धाकड़ सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का गौरवशाली अंतरराष्ट्रीय करियर अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचता हुआ नजर आ रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला तीसरा और अंतिम एकदिवसीय मुकाबला रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर का विदाई मैच साबित हो सकता है। भारतीय चयन समिति मौजूदा इंग्लैंड दौरे के समापन के बाद अनुभवी बल्लेबाज को वनडे फॉर्मेट में आगे मौका देने के मूड में बिल्कुल नहीं दिख रही है।
2027 विश्व कप पर चयनकर्ताओं की नजर, युवाओं को तराशने की तैयारी
चयन समिति के इस कड़े रुख की मुख्य वजह भविष्य की रणनीति है। पीटीआई के अनुसार, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर इस समय टीम के साथ इंग्लैंड में ही मौजूद हैं। सूत्रों का दावा है कि चयनकर्ता अब साल 2027 में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत और युवा टीम तैयार करने के मिशन पर काम कर रहे हैं। इसी दूरगामी योजना के चलते 39 वर्षीय रोहित शर्मा को भविष्य के रोडमैप में शामिल किए जाने की गुंजाइश न के बराबर है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक वरिष्ठ सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "चयन समिति अब युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को ओपनिंग में लगातार मौके देना चाहती है। यशस्वी ने पिछली तीन पारियों में दो शानदार शतक जड़े हैं, और टीम मैनेजमेंट का मानना है कि आगामी लगभग 20 एकदिवसीय मैचों में उन्हें पर्याप्त अवसर देकर विश्व कप के लिए पूरी तरह तैयार किया जाए।"
रोहित खुद लेंगे अपने भविष्य का फैसला, सितंबर से शुरू होगा नया दौर
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सम्मानजनक विदाई की उम्मीद: बीसीसीआई सूत्र ने यह भी साफ किया कि रोहित शर्मा के कद और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए कोई भी चयनकर्ता उनसे सीधे संन्यास लेने के लिए नहीं कह सकता।
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भविष्य की टीम का गठन: हालांकि, चयन समिति ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू वनडे सीरीज से वे भविष्य की नई टीम इंडिया को मैदान पर उतारना चाहते हैं। ऐसे में रोहित के पास लॉर्ड्स वनडे के बाद खुद ही अपने भविष्य पर कोई बड़ा फैसला लेने का विकल्प होगा।
हालिया वनडे आंकड़े और खराब फॉर्म ने बढ़ाई कप्तान की मुश्किलें
रोहित शर्मा का हालिया एकदिवसीय प्रदर्शन उनके 'हिटमैन' वाले तमगे के बिल्कुल विपरीत रहा है, जिससे चयनकर्ताओं को कड़ा फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा है।
रोहित शर्मा के पिछले 8 वनडे मैचों का रिपोर्ट कार्ड:
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बनाए गए रन: पिछली 8 पारियों में वे केवल 241 रन ही जोड़ पाए हैं।
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बैटिंग औसत व स्ट्राइक रेट: इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 30.1 और स्ट्राइक रेट 88.6 का रहा है, जो उनकी आक्रामक खेल शैली से काफी कम है।
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हाफ सेंचुरी का अकाल: इन 8 मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल एक इकलौती अर्धशतकीय पारी देखने को मिली है, जिससे टीम को वैसी ठोस शुरुआत नहीं मिल पा रही है जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
किंग कोहली पर मैनेजमेंट का भरोसा कायम, फिटनेस और फॉर्म बने मजबूत स्तंभ
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गंभीर और अगरकर एकमत: जहाँ एक तरफ रोहित शर्मा के वनडे करियर पर तलवार लटकी है, वहीं दूसरी तरफ स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को लेकर मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर पूरी तरह एकमत हैं।
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स्वतः चयन के दावेदार: विराट कोहली की मौजूदा बेहतरीन बल्लेबाजी फॉर्म और उनकी बेजोड़ फिटनेस को देखते हुए उन्हें आगामी दौरों के लिए भी एकदिवसीय टीम में स्वतः चयन (ऑटोमैटिक चॉइस) का सबसे बड़ा दावेदार माना गया है।
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के समय भी चयनकर्ताओं के साथ था मतभेद
पीटीआई की इस सनसनीखेज रिपोर्ट में एक और बड़ा खुलासा किया गया है कि जब रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था, तब भी चयन समिति और उनके बीच विचारों में पूरी सहमति नहीं थी। चयनकर्ताओं का मानना था कि रोहित इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के केवल शुरुआती दो मैच खेलने के बाद ही टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कहना चाहते थे। इसके विपरीत, रोहित शर्मा के करीबी और विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि कप्तान ने पूरी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए खुद को उपलब्ध बताया था, लेकिन अंदरूनी खींचतान के कारण परिस्थितियां बदल गईं।

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