रोहित को लेकर टीम मैनेजमेंट क्या सोच रहा? कोच ने बयान देकर खत्म की अटकलें
कार्डिफ: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट गलियारों में कप्तान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय संन्यास को लेकर अटकलों का बाजार बेहद गर्म हो गया है। हालांकि, इन तमाम कयासों के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है और संन्यास की खबरों को पूरी तरह से मनगढ़ंत और बेबुनियाद करार दिया है। कोटक ने साफ शब्दों में कहा कि टीम मैनेजमेंट या चयनकर्ताओं की तरफ से सीनियर बल्लेबाज पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है।
क्या ऐतिहासिक लॉर्ड्स का मैदान गवाह बनेगा रोहित के आखिरी मैच का?
क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि भारतीय टीम के दिग्गज ओपनर रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) की एक विशेष इनपुट के मुताबिक, रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेला जाने वाला तीसरा और निर्णायक वनडे मैच रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर का विदाई मैच (आखिरी मुकाबला) साबित हो सकता है। सूत्रों का दावा है कि भारतीय चयन समिति मौजूदा इंग्लैंड दौरे की समाप्ति के बाद वनडे प्रारूप में युवा खिलाड़ियों को तराशने के पक्ष में है, जिसका सीधा मतलब यह है कि रोहित अब अगले साल होने वाले आईसीसी वनडे विश्व कप की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं।
खराब फॉर्म और हालिया आंकड़ों ने बढ़ाई कप्तान की चिंता
रोहित शर्मा का हालिया वनडे प्रदर्शन उनके कद के अनुरूप बिल्कुल भी नहीं रहा है, जिसने आलोचकों को आवाज उठाने का मौका दे दिया है।
रोहित शर्मा के पिछले 8 वनडे मैचों का रिपोर्ट कार्ड इस प्रकार है:
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कुल रन: 8 पारियों में महज 241 रन।
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बैटिंग औसत: 30.1 की मामूली औसत।
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स्ट्राइक रेट: 88.6 का स्ट्राइक रेट, जो उनकी आक्रामक शैली से मेल नहीं खाता।
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अर्धशतक: इन 8 मैचों में उनके बल्ले से केवल एक इकलौती हाफ सेंचुरी निकली है।
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कार्डिफ में संघर्ष: कार्डिफ में खेले गए दूसरे मैच में भी वह क्रीज पर रन बनाने के लिए काफी बेबस दिखे और 47 गेंदों में सिर्फ 26 रन बनाकर विल जैक्स की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।
बल्लेबाजी कोच ने किया बचाव, कहा— रोहित जैसे लीजेंड पर दबाव बनाना नामुमकिन
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युवाओं को मौका देने पर जवाब: कार्डिफ वनडे की समाप्ति के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक से तीखा सवाल पूछा गया कि क्या भारतीय थिंक-टैंक अब रोहित शर्मा की जगह यशस्वी जायसवाल या ईशान किशन जैसे युवा ओपनर्स को आजमाने पर विचार कर रहा है?
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कप्तान का समर्थन: इस पर कोटक ने रोहित का पुरजोर बचाव करते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि रोहित शर्मा के दर्जे के खिलाड़ी पर दुनिया की कोई भी परिस्थिति दबाव बना सकती है। वह इतने महान और अनुभवी बल्लेबाज हैं कि इन बाहरी चर्चाओं का उनके खेल पर कोई असर नहीं पड़ता। यह सच है कि शुरुआती दो मैचों में उनके बल्ले से उम्मीद के मुताबिक रन नहीं आए हैं, लेकिन इससे उनकी क्षमता कम नहीं हो जाती। दूसरे मैच में भी वह अच्छी लय में दिख रहे थे और लग रहा था कि एक बड़ी पारी आएगी, लेकिन दुर्भाग्यवश वह आउट हो गए।"
लॉर्ड्स में दिखेगा रोहित का असली जलवा: सितांशु कोटक
कार्डिफ में रोहित शर्मा की धीमी और रक्षात्मक बल्लेबाजी का तकनीकी बचाव करते हुए कोच कोटक ने कहा कि कप्तान क्रीज पर संघर्ष (स्ट्रगल) नहीं कर रहे थे, बल्कि परिस्थितियां अलग थीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लॉर्ड्स के मैदान पर फैंस को रोहित का पुराना और आक्रामक रूप देखने को मिलेगा। कोटक ने आगे कहा, "मैंने अपने जीवन में बहुत क्रिकेट देखा और खेला है। कई बार महानतम बल्लेबाजों को भी वह जरूरी मोमेंटम नहीं मिल पाता जिसकी वे तलाश कर रहे होते हैं और खेल में ऐसा होना बेहद सामान्य बात है। आप रविवार को लॉर्ड्स में रोहित की एक बिल्कुल अलग और मैच जिताऊ पारी देख सकते हैं। इसलिए उनके लिए 'संघर्ष' शब्द का प्रयोग करना अनुचित होगा। शायद पिच के असमान बाउंस के कारण वह अपने स्वाभाविक शॉट्स नहीं खेल पा रहे थे। दूसरी छोर पर शुभमन गिल और विराट कोहली को तेज शुरुआत मिल गई थी, लेकिन रोहित को उनके स्लॉट में गेंदें नहीं मिलीं।"
लंदन: इंग्लैंड ने दूसरा एकदिवसीय मैच जीतकर तीन मैचों की इस श्रृंखला को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया है। अब रविवार 19 जुलाई को होने वाले इस सीरीज के तीसरे और महा-निर्णायक मुकाबले में पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें रोहित शर्मा के बल्ले पर टिकी होंगी, जहां न सिर्फ सीरीज का फैसला होगा, बल्कि उनके भविष्य को लेकर चल रहे तमाम सस्पेंस पर से भी पूरी तरह से पर्दा उठ जाएगा।

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