रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज का संगठनात्मक कार्यकाल आगामी 12 जुलाई 2026 को पूरा होने जा रहा है। दीपक बैज को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का अत्यंत विश्वसनीय माना जाता है। उन्होंने तीन वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन की बागडोर संभाली थी और इस दौरान वे सूबे में एक प्रमुख और प्रखर आदिवासी नेता के रूप में स्थापित हुए हैं।

पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को कमान सौंपने की उठने लगी मांग

दीपक बैज का कार्यकाल पूर्ण होने की तिथि नजदीक आते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव के समर्थक उन्हें छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त करने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं। इस सिलसिले में 'आदिबाबा फैंस क्लब सरगुजा' के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से सिंहदेव के समर्थन में एक विशेष पोस्ट भी साझा की गई है। इस पोस्ट के माध्यम से टीएस सिंहदेव को सरगुजा संभाग का गौरव और संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य की प्रतिष्ठा बताते हुए उन्हें संगठन की कमान देने की इच्छा व्यक्त की गई है।

आदिवासी नेतृत्व और आंतरिक गुटबाजी पर विपक्ष का तंज

संगठन में चल रही इस उठापटक के बीच सत्ताधारी दल भाजपा ने भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही तीव्र अंदरूनी गुटबाजी के कारण ही दीपक बैज जैसे क्षमतावान नेता को खुलकर कार्य करने का उचित अवसर प्राप्त नहीं हो सका। बस्तर अंचल से कांग्रेस के सबसे बड़े आदिवासी चेहरे के रूप में पहचान बनाने वाले बैज ने साल 2023 में प्रदेश संगठन का प्रभार ग्रहण किया था। उनसे ठीक पहले बस्तर के ही वरिष्ठ नेता मोहन मरकाम के पास यह जिम्मेदारी थी, और उस समय राज्य में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत वाली सरकार कार्यरत थी।

राजनैतिक विश्लेषकों और सूत्रों का मानना है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत जैसे कद्दावर नेताओं के अपने-अपने प्रभावी खेमे होने के कारण, संगठन प्रमुख के लिए इन सभी दिग्गजों के बीच वैचारिक सामंजस्य स्थापित करना हमेशा से एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है।