रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी चार दिनों के दौरान हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसके पश्चात राज्य में वर्षा की गतिविधियों में और अधिक तेजी आने के संकेत हैं। वर्तमान में प्रदेश के भीतर मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है, किंतु इसके बावजूद अब तक राज्य में सामान्य मुकाबले कम वर्षा दर्ज की गई है।

वर्षा के आंकड़े अब भी सामान्य से पीछे, 15 प्रतिशत की बनी हुई है कमी

विगत 1 जून से 9 जुलाई 2026 की अवधि के बीच प्रदेश में कुल 242.8 मिलीमीटर (लगभग 9.5 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक औसतन 284.6 मिलीमीटर (लगभग 11.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। इस प्रकार, राज्य में अब तक करीब 15 फीसदी पानी कम बरसा है। शुक्रवार को दुर्ग जिला सबसे गर्म रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सक्रिय मौसमी तंत्र का दिख रहा है प्रभाव

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग के ऊपर बना हुआ एक निम्न दबाव का क्षेत्र वर्तमान में प्रभावी स्थिति में है। इस तंत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 9.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है। हालांकि, आगामी 24 घंटों में इस सिस्टम के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान है। इसके साथ ही, उत्तर भारत की ओर से गुजर रही मानसून ट्रफ का सीधा प्रभाव भी छत्तीसगढ़ के वातावरण पर बना हुआ है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर वर्षा का दौर चलता रहेगा।

राजधानी रायपुर में आज छाए रहेंगे बादल, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना

प्रांतीय राजधानी रायपुर में शनिवार को दिनभर आसमान में बादलों का डेरा रहने तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अनुमान जताया है कि शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है।

एक सप्ताह के भीतर वर्षा की स्थिति में हुआ है महत्वपूर्ण सुधार

यदि पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों का आकलन करें, तो जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई के शुरुआती दिनों में प्रदेश के भीतर पानी की कमी 40 प्रतिशत से भी ऊपर जा चुकी थी। लेकिन बीते एक सप्ताह के दौरान विभिन्न जिलों में हुई जोरदार बारिश के कारण परिस्थितियों में काफी सुधार देखा गया है और अब यह कमी घटकर केवल 15 प्रतिशत पर आ गई है। यदि आगामी दिनों में भी वर्षा का यह क्रम इसी प्रकार जारी रहता है, तो छत्तीसगढ़ में बहुत जल्द ही सामान्य वर्षा का कोटा पूरा हो जाएगा।