मां के बारे में पूछा तो बेटे की भी ले ली जान, डबल मर्डर केस का खुलासा
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद अंतर्गत पाकबड़ा थाना क्षेत्र के मौढ़ा तैय्या इलाके में रहने वाली सीमा और उसके मासूम बेटे अंकुश की हत्या के मामले में एक बेहद हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई जांच के अनुसार, सीमा के पति जसराम और उसके सगे देवर जयराम ने मिलकर इस दोहरे हत्याकांड को अत्यंत क्रूरता के साथ अंजाम दिया था।
पूछताछ में सामने आया है कि वारदात के वक्त पति जसराम ने सीमा के पैर कसकर पकड़ रखे थे, जबकि देवर जयराम ने धारदार हथियार से उसका गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पति का कहना था कि वह सीमा के व्यवहार से बेहद त्रस्त था, क्योंकि वह अक्सर उसके साथ झगड़ा और मारपीट करती थी। पुलिस की गिरफ्त में आए जयराम ने कुबूल किया कि वह अपने 10 वर्षीय भतीजे अंकुश को नहीं मारना चाहता था, लेकिन हत्या के बाद मासूम बार-बार अपनी मां के बारे में पूछ रहा था। जयराम को डर सताने लगा कि बच्चा घर लौटकर ग्रामीणों को सब सच बता देगा, इसलिए साक्ष्य मिटाने और खुद को बचाने के लिए उसने बच्चे की भी हत्या कर दी। शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता पति जसराम को भी धर दबोचा।
पुलिस अधीक्षक (नगर) कुमार रण विजय सिंह ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि मौढ़ा तैय्या निवासी सीमा (35 वर्ष) और उसके पुत्र अंकुश (10 वर्ष) की हत्या के आरोप में मृतका के पति जसराम और देवर जयराम को बंदी बना लिया गया है। मृतका सीमा पिछले दो वर्षों से शेरुआ चौराहे के समीप एक किराए के मकान में रह रही थी, जहाँ उसका पति और बेटा भी साथ रहते थे। जसराम ने अपना पैतृक मकान अपने छोटे भाई जयराम को बेच दिया था, जिसके बदले जयराम ने ₹60,000 का भुगतान कर दिया था, जबकि ₹2,40,000 की राशि शेष थी। इसी बकाया धनराशि को लेकर सीमा का जयराम से अक्सर विवाद होता रहता था।
इसके अतिरिक्त, जसराम अपनी पत्नी के चरित्र पर भी संदेह करता था, जिसके चलते दोनों में आए दिन कलह होती थी। घटना से ठीक पहले सोमवार की रात भी दोनों के मध्य भारी विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत सीमा ने स्थानीय पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में उसने आपसी समझौता कर लिया और पति के साथ घर लौट आई थी।
इस समझौते के दौरान देवर जयराम भी वहां मौजूद था। घर वापस आने पर दोनों भाइयों ने सीमा को रास्ते से हटाने की गुप्त योजना बनाई। जसराम ने अपने भाई जयराम से वादा किया कि यदि वह सीमा को मार देता है, तो वह मकान के एवज में बकाया बाकी के पैसे छोड़ देगा। जयराम भी इस लालच में आ गया कि उसे मकान की बची हुई रकम नहीं देनी पड़ेगी। मंगलवार शाम करीब छह बजे जयराम अगवानपुर पहुंचा और सीमा को पैसे देने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर अंकुश के साथ बैठा लिया। मौढ़ा तैय्या लौटते समय उसने एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी रोकी और अंकुश को वहीं छोड़कर सीमा को बहाने से एक सुनसान खेत में ले गया, जहाँ जसराम पहले से घात लगाए बैठा था। वहाँ दोनों भाइयों ने मिलकर सीमा पर जानलेवा हमला कर दिया।
जयराम ने रेती गर्दन, जसराम ने पकड़े पैर; मासूम को भी उतारा मौत के घाट
योजना के मुताबिक, जयराम ने धारदार हथियार से सीमा पर वार करते हुए उसकी गर्दन रेत दी, जबकि जसराम ने उसके पैर जकड़ रखे थे। सीमा की हत्या करने के बाद जयराम वापस पेट्रोल पंप पहुंचा और एक बोतल में पेट्रोल खरीदने के बाद अंकुश को बाइक पर बैठा लिया। रास्ते में मासूम अंकुश लगातार अपनी मां के संबंध में पूछता रहा, जिससे जयराम घबरा गया कि उसकी पोल खुल जाएगी।
वह अंकुश को लेकर सीधे उसी खेत में पहुंचा जहाँ सीमा का शव पड़ा था। अपनी मां की लाश देखकर बच्चा चीखने लगा, जिसके बाद जयराम ने गला दबाकर अंकुश की भी निर्मम हत्या कर दी। अपराध को छुपाने और शवों की पहचान मिटाने के उद्देश्य से दोनों भाइयों ने पेट्रोल छिड़ककर सीमा का चेहरा पूरी तरह जला दिया। इसके बाद वे अंकुश के शव को करीब 500 मीटर दूर दूसरे खेत में फेंक आए और उसका भी चेहरा जलाने का प्रयास किया। वारदात को अंजाम देकर दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक (नगर) ने बताया कि हत्यारोपी देवर को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
गन्ने के खेत में अलग-अलग स्थानों पर मिले थे मां-बेटे के शव
मुरादाबाद। पाकबड़ा थाना क्षेत्र में मां-बेटे की इस बेरहमी से की गई हत्या के बाद इलाके में दहशत का माहौल था। मृतका सीमा का गला रेता गया था, जबकि उसके 10 साल के बेटे की गला घोंटकर हत्या की गई थी। सीमा का शव बुधवार को एक गन्ने के खेत से बरामद हुआ था, जबकि उसके बेटे अंकुश की लाश बृहस्पतिवार को वहां से करीब आधा किलोमीटर दूर दूसरे खेत में पाई गई।
हत्यारों ने शिनाख्त मिटाने के लिए दोनों के चेहरों को आग लगा दी थी, परंतु बालक का चेहरा कम जलने के कारण उसकी पहचान संभव हो सकी। पुलिस अनुसंधान में यह बात स्पष्ट हुई कि घरेलू कलह के कारण सीमा अपने पति से अलग रह रही थी।
15 वर्ष पूर्व हुआ था विवाह, जमीन बेचने को लेकर बढ़ा था विवाद
पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार, मौढ़ा तैय्या निवासी जसराम का विवाह लगभग 15 साल पहले गोरखपुर की रहने वाली सीमा के साथ संपन्न हुआ था। जसराम पेशे से ट्रक चालक है, परंतु बीते कुछ समय से अस्वस्थ होने के कारण घर पर ही था। दो वर्ष पूर्व दोनों के बीच आपसी मनमुटाव इस कदर बढ़ा कि सीमा उसे छोड़कर अलग रहने लगी थी।
जसराम के पिता पातीराम सैनी के पांच पुत्र हैं, जिनमें जसराम के हिस्से में दो बीघा जमीन आई थी। लगभग दो साल पहले सीमा ने इनमें से एक बीघा जमीन बेच दी थी, जिसका जसराम ने कड़ा विरोध किया था। बताया जा रहा है कि सीमा अवशेष बची एक बीघा जमीन को भी बेचने की तैयारी में थी, जिससे दोनों भाइयों और पति के मन में उसके प्रति आक्रोश और बढ़ गया था।
पहचान छिपाने का प्रयास करते रहे परिजन
सीमा पिछले दो वर्षों से अपने पुत्र अंकुश के साथ कौकरपुर स्थित एक किराए के मकान में रहकर एक कारखाने में कार्य करती थी। वह कभी-कभार गांव आती थी, लेकिन हर बार विवाद के कारण लौट जाती थी। बुधवार की सुबह जब गांव के पास ही सीमा का क्षत-विक्षत और जला हुआ शव मिला, तो परिवार के किसी भी सदस्य ने उसकी पहचान करने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उसका चेहरा पूरी तरह झुलस चुका था। अंततः पुलिसिया तफ्तीश में इस पूरे खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ।

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