दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार की घोषणा ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार करते हुए आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। इस निर्णय के सामने आते ही जिले की राजनीतिक स्थिति में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला और नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने टिकट वितरण को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया है।

टिकट कटने पर भड़के समर्थक और हाईवे जाम

भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी का नाम घोषित किए जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे करीब 25 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम में हजारों यात्री घंटों तक फंसे रहे। प्रशासन को यातायात व्यवस्था बहाल करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और करीब 10 घंटे के लंबे अंतराल के बाद स्थिति को काबू में किया जा सका।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प

दतिया में विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बेकाबू हो गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी झड़प हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया। इस हिंसक झड़प में कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और एसडीओपी (SDOP) एवं थाना प्रभारी समेत कई पुलिस अधिकारी व जवान घायल हो गए। हिंसा के बाद उपजे तनाव को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

प्रशासन की तैनाती और वर्तमान स्थिति

हिंसा की घटना के बाद दतिया में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल स्थिति को सामान्य बताया जा रहा है और वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। पार्टी नेतृत्व के इस निर्णय ने न केवल राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है, जिसे प्रशासन नियंत्रित करने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।