दिल्ली की स्थानीय राजनीति में बड़ा मोड़, BJP के खेमे में शामिल होंगे IVP पार्षद
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (MCD) की सियासत में एक बहुत बड़ा उलटफेर होने जा रहा है, जिससे राजधानी का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत कर अलग दल बनाने वाली इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के सभी 16 पार्षद आज औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने जा रहे हैं। इस बड़े विलय के बाद एमसीडी में भाजपा की ताकत में भारी इजाफा होगा। दिल्ली भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गरिमामयी मौजूदगी में आईवीपी का भाजपा में आधिकारिक विलय कराया जाएगा। इसके साथ ही कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा आज ही वार्ड कमेटियों के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन पद के प्रत्याशियों के नामों की भी घोषणा कर सकती है।
विलय के पीछे का बड़ा चुनावी गणित
आईवीपी के भाजपा में इस विलय के पीछे एक गहरा रणनीतिक और सियासी गणित काम कर रहा है। दिल्ली में अगले साल नगर निगम के आम चुनाव होने निर्धारित हैं, जिसे देखते हुए भाजपा अभी से जमीनी स्तर पर अपनी घेराबंदी मजबूत करने में जुट गई है। दूसरी तरफ, आईवीपी के पार्षदों को भी अपना राजनीतिक भविष्य दांव पर दिखाई दे रहा था। विश्लेषकों का मानना है कि एक नवगठित और क्षेत्रीय दल के बैनर तले दोबारा चुनाव जीतना इन पार्षदों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता। ऐसे में देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल का हाथ थामने से न सिर्फ उनकी जीत की राह आसान होगी, बल्कि भविष्य में टिकट मिलने की संभावना भी प्रबल हो जाएगी।
नए चेहरों को मिल सकती हैं बड़ी जिम्मेदारियां
भाजपा के कुनबे में शामिल होते ही आईवीपी के कई कद्दावर नेताओं को निगम के भीतर बड़ी प्रशासनिक और सांगठनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कुछ पार्षदों को वार्ड कमेटियों में चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन के पदों से नवाजा जा सकता है। इसके अलावा, विभिन्न जोन और सबसे शक्तिशाली मानी जाने वाली स्थायी समिति (Standing Committee) में भी इन्हें प्रतिनिधित्व मिलने की पूरी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, आईवीपी के शीर्ष नेता मुकेश गोयल को एमसीडी की किसी तदर्थ या विशेष समिति की कमान सौंपी जा सकती है। वहीं, सह-प्रमुख हेमचंद्र गोयल को सेंट्रल जोन से स्थायी समिति का सदस्य बनाया जा सकता है, जबकि मनोनीत पार्षद मनोज जैन को डिप्टी चेयरमैन की कुर्सी मिल सकती है।
आम आदमी पार्टी में टूट के बाद वजूद में आई थी IVP
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की करारी शिकस्त के कुछ महीनों बाद ही पार्टी के भीतर एक बड़ा विस्फोट हुआ था। सत्ता से बेदखल होने के बाद 'आप' के 16 पार्षदों ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए पार्टी से नाता तोड़ लिया था और 'इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी' (IVP) नाम से एक नए दल का गठन किया था। इस टूट का सीधा असर एमसीडी की आंतरिक राजनीति पर पड़ा था। इसके चलते वार्ड कमेटियों और स्थायी समिति के चुनावों का पूरा गणित गड़बड़ा गया था। मेयर का पद गंवाने के बाद आम आदमी पार्टी की स्थायी समिति पर से भी पकड़ ढीली हो गई थी और उसकी दावेदारी लगभग समाप्त हो गई थी।
इन प्रमुख जोन में मजबूत होगी भाजपा की स्थिति
भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले ये 16 पार्षद दिल्ली के लगभग सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जोन का प्रतिनिधित्व करते हैं:
-
नरेला और रोहिणी जोन: नरेला से 2 और रोहिणी से 2 पार्षद शामिल हो रहे हैं।
-
पश्चिमी और दक्षिणी जोन: पश्चिमी जोन से 3 और साउथ जोन से भी 3 पार्षद भाजपा में आ रहे हैं।
-
शाहदरा साउथ: इस जोन से 2 पार्षद पाला बदल रहे हैं।
-
अन्य जोन: सिविल लाइंस से 1, सिटी एसपी जोन से 1, करोल बाग से 1 और सेंट्रल जोन से 1 पार्षद भाजपा का हिस्सा बनेंगे।
इन पार्षदों के आने के बाद दिल्ली नगर निगम के अधिकांश जोन में भाजपा की स्थिति पहले की तुलना में बेहद अभेद्य और मजबूत मानी जा रही है।

राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन