120 किमी की स्पीड में दौड़ रहा था काफिला, तभी सामने आ गए तीन युवक
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के काफिले के दौरान सुरक्षा में चूक का एक बड़ा मामला सामने आया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जब केंद्रीय मंत्री का काफिला बेहद तेज रफ्तार से गुजर रहा था, तभी अचानक तीन युवक गाड़ियों के सामने आ गए। हालांकि, काफिले के वाहन दूसरी लेन से सुरक्षित निकल गए और कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने हाईवे सुरक्षा और वीआईपी मूवमेंट को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे थे युवक
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत जांच में जुट गई। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि ये तीनों युवक पास के ही निमकोपाड़ा पलसोड़ी गांव के रहने वाले हैं। युवकों का कहना है कि उनके गांव के बच्चों का स्कूल एक्सप्रेस-वे के दूसरी तरफ है और वे बच्चों को सड़क पार कराकर स्कूल छोड़ने जा रहे थे। उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उसी समय वहां से केंद्रीय मंत्री का वीआईपी काफिला गुजरने वाला है।
हाई स्पीड एक्सप्रेस-वे पर बड़ा जोखिम
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे देश के सबसे आधुनिक और हाई स्पीड रास्तों में से एक है, जहां गाड़ियों की रफ्तार सामान्य तौर पर बहुत तेज होती है। ऐसे में एक्सप्रेस-वे की मुख्य लेन पर अचानक किसी का आ जाना बेहद खतरनाक है। घटना के वक्त भी काफिले की गति काफी अधिक थी, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण कर रहे थे केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण कर रहे थे। राजस्थान में हाईवे का जायजा लेने के बाद उनका काफिला रतलाम के रास्ते गुजरात की ओर बढ़ रहा था, तभी यह वाकया हुआ। देश में सुरक्षित हाईवे सिस्टम और बेहतर सड़क नेटवर्क बनाने में जुटे सड़क परिवहन मंत्रालय के लिए यह घटना भविष्य में एक्सप्रेस-वे सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों के आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा का एक बड़ा कारण बन सकती है।

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