परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं? CGPSC सिलेबस में बदलाव से पहले दें अपनी राय
रायपुर। यदि आप छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या भविष्य में इस प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और नीतिगत रूप से बेहद काम की है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने अपनी मुख्य परीक्षा (मेन्स) के मौजूदा पाठ्यक्रम (सिलेबस) में व्यापक स्तर पर संशोधन और बदलाव करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पूरी कवायद की सबसे बड़ी और खास विशेषता यह है कि आयोग इस बार सिलेबस को अंतिम रूप देने से पहले परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रदेश भर के लाखों अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों के विचारों को भी इसमें शामिल करने जा रहा है। आयोग द्वारा जारी निर्देश के तहत उम्मीदवार सीजीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और विज्ञापन जारी होने की तिथि से एक महीने के भीतर अपने सुझाव व आपत्तियां आयोग को सीधे प्रेषित कर सकते हैं।
सिलेबस को रोजगारोन्मुखी और आधुनिक बनाने की कवायद, अभ्यर्थियों के लिए जनरेट हुआ स्पेशल लिंक
राज्य प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और राष्ट्रीय स्तर की अन्य परीक्षाओं (जैसे UPSC) के समकक्ष लाने के उद्देश्य से सीजीपीएससी के सिलेबस में यह फेरबदल किया जा रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विशेष डिजिटल लिंक (स्पेशल सुझाव लिंक) लाइव कर दिया है। इस लिंक के माध्यम से अभ्यर्थी सीधे उन विषयों, अध्यायों या नीतिगत बदलावों को आयोग के साथ साझा कर सकेंगे, जिन्हें वे आगामी मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों में शामिल या विलोपित (हटाना) देखना चाहते हैं।
हालांकि, आयोग ने साफ किया है कि सुझाव देने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले सीजीपीएससी के पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। जो अभ्यर्थी पूर्व में ही आयोग की वेबसाइट पर पंजीकृत हैं और विभिन्न परीक्षाओं के फॉर्म भर चुके हैं, उन्हें नया रजिस्ट्रेशन कराने की कोई आवश्यकता नहीं है; वे अपने पुराने लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके सीधे 'सुझाव बॉक्स' में जाकर अपनी राय दर्ज करा सकते हैं।
अंतिम तिथि का रखें ध्यान: आधिकारिक अधिसूचना जारी, विचार भेजने के लिए मिलेगा 30 दिनों का समय
लोक सेवा आयोग ने इस पाठ्यक्रम संशोधन के संबंध में एक विस्तृत और आधिकारिक गाइडलाइन व सूचना अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। नोटिफिकेशन के अनुसार, कैंडिडेट्स को अपने सुझाव, परिवर्तन संबंधी विचार या आपत्तियां डिजिटल माध्यम से प्रेषित करने के लिए अधिसूचना जारी होने के दिन से लेकर आगामी एक माह (30 दिन) का पर्याप्त समय दिया गया है। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद यह लिंक स्वतः निष्क्रिय (डीएक्टिवेट) हो जाएगा, और इसके बाद प्राप्त होने वाले किसी भी ऑफलाइन या ऑनलाइन सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। आयोग इन प्राप्त सुझावों को एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट पैनल) के समक्ष रखेगा, जो अंतिम रूप से नए सिलेबस का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी।
कब से लागू होगा नया पाठ्यक्रम? जानें क्या है इसकी पूरी संभावना
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की एक बेहद पुरानी और गौरवशाली परंपरा रही है कि वह राज्य सेवा परीक्षा (PSC) का मुख्य विज्ञापन और अधिसूचना हर साल 'संविधान दिवस' यानी 26 नवंबर को ही जारी करता है। प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने वाले गंभीर कैंडिडेट्स इस विज्ञापन के जारी होने के महीनों पहले से ही अपनी पढ़ाई और रणनीति में जुट जाते हैं। चूंकि वर्तमान में प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी पुराने और स्थापित सिलेबस के आधार पर ही दिन-रात मेन्स और प्रीलिम्स की कड़े स्तर पर कसरत (तैयारी) कर रहे हैं, ऐसे में अचानक पाठ्यक्रम बदलना उनके हितों के खिलाफ हो सकता है।
इस व्यावहारिक स्थिति को देखते हुए शिक्षा विशेषज्ञों और विभागीय सूत्रों का मानना है कि इस संशोधित और नए सिलेबस को आगामी राज्य सेवा परीक्षा-2026 में लागू किए जाने की संभावना अपेक्षाकृत काफी कम है। पूरी उम्मीद है कि यह नया और बदला हुआ सिलेबस इसके बाद आने वाली आगामी परीक्षाओं के सत्र से ही पूर्ण रूप से प्रभावी किया जाएगा, ताकि छात्रों को नए विषयों को पढ़ने और समझने का पूरा समय मिल सके।
क्या है सीजीपीएससी मेन्स का मौजूदा पैटर्न?
वर्तमान में लागू परीक्षा प्रणाली के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा (मेन्स) के कड़े दौर से गुजरना पड़ता है। वर्तमान व्यवस्था के तहत मेन्स परीक्षा में कुल 7 अनिवार्य प्रश्नपत्र होते हैं।
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प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए 200 अंक निर्धारित होते हैं, जिससे मुख्य परीक्षा का कुल लिखित योग 1400 अंक का होता है।
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यह पूरी परीक्षा वर्णात्मक (डिस्क्रिप्टिव/लिखित) शैली में होती है, जिसमें उम्मीदवारों को अपनी लेखन शैली का प्रदर्शन करना होता है।
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इन सात प्रश्नपत्रों के अंतर्गत मुख्य रूप से भाषा (हिंदी, छत्तीसगढ़ी और अंग्रेजी), निबंध (राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दे) तथा सामान्य अध्ययन (इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और समाजशास्त्र) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होते हैं।
अब देखना यह होगा कि अभ्यर्थियों से मिलने वाले फीडबैक के बाद आयोग इनमें से किस विषय के भार को कम करता है या किस नए आधुनिक विषय को इसमें जोड़ता है।

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