भोपाल| मध्य प्रदेश में मानसून का आगमन तो हो गया है, लेकिन इसका व्यापक असर अभी तक सभी क्षेत्रों में दिखाई नहीं दे रहा है। राज्य के कई जिलों को अभी भी झमाझम बारिश का इंतजार है। पिछले रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा, हालांकि रतलाम में इस दौरान मध्यम दर्जे की फुहारें पड़ीं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय मानसून के साथ-साथ तीन अन्य चक्रवाती प्रणालियां (वेदर सिस्टम) भी एक्टिव हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में राज्य में मध्यम से लेकर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ बौछारें पड़ने के आसार

आगामी दिनों में वर्षा के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम केंद्र ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के समय खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के तारों व खंभों के नीचे शरण न लें। आज भोपाल, इंदौर, उज्जेन, जबलपुर, बैतूल, सागर, सीधी, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी समेत आसपास के इलाकों में तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है।

तापमान का हाल और अन्नदाताओं के लिए जरूरी सलाह

हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे अधिक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस अमरिया में मापा गया, जबकि सबसे कम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस खंडवा में दर्ज हुआ। दूसरी ओर, कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम न करने की हिदायत दी गई है। इस बार मानसून के विलंब से आने के कारण खरीफ की मुख्य फसलों— जैसे सोयाबीन, धान, मक्का और कपास की बोनी के प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।