CAA, करूर हादसा और पार्टी की दिशा, CM विजय ने विधानसभा में खोले पत्ते
नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के प्रमुख विजय ने मंगलवार को उन आलोचकों को करारा जवाब दिया है, जो उनकी पार्टी को महज एक 'एक्टर की पार्टी' कहकर खारिज कर रहे थे। उन्होंने विधानसभा में एक लंबा और प्रभावी भाषण देते हुए साफ किया कि उनकी पार्टी का सत्ता में आना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि बरसों की जमीनी सक्रियता और जनता से सीधे जुड़ाव का नतीजा है। मुख्यमंत्री ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि वे सीधे फिल्म के सेट से निकलकर राजनीति में आ गए हैं।
'हम सीधे सेट से नहीं, बल्कि जनता के बीच से आए हैं'
मुख्यमंत्री विजय ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा, "कुछ लोग प्रचार कर रहे हैं कि मैं सीधे फिल्म की शूटिंग के सेट से मुख्यमंत्री बनने आ गया हूं। उनकी ही फिल्मी भाषा में कहूं तो यह सिर्फ एक 'रील' (झूठी कहानी) है। राजनीति में ज्यादातर लोग पहले पार्टी बनाते हैं और फिर जनता के पास वोट मांगने जाते हैं, लेकिन हमने इसके उलट किया। हम बरसों पहले लोगों के पास गए, उनके सुख-दुख में शामिल हुए और उसके बाद अपनी राजनीतिक पार्टी शुरू की। जो लोग इस जमीनी हकीकत को नहीं समझ पाते, वही हमें सिर्फ एक अभिनेता की पार्टी कहते हैं।" इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए स्पष्ट किया कि 2026 के आगामी चुनावों में उनकी पार्टी बिना किसी गठबंधन के पूरी तरह अकेले चुनाव लड़ेगी।
करूर भगदड़ विवाद पर विपक्ष को घेरा
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी पर लगे आरोपों का बचाव करते हुए करूर भगदड़ विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "करूर में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में 41 मासूम लोगों की जान चली गई और विपक्ष ने राजनीति के तहत इसका पूरा दोष हमारी पार्टी पर मढ़ दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या राजनीति इसी तरह के गंदे आरोपों के सहारे की जानी चाहिए?" विजय ने उन तमाम सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों को याद दिलाया जिनके लिए उन्होंने और उनके समर्थकों ने टीवीके (TVK) पार्टी बनाने से बहुत पहले आवाज उठाई थी। उन्होंने 2011 में मछुआरों के हक में की गई जनसभा, जल्लीकट्टू आंदोलन को दिया समर्थन, स्टरलाइट विरोध प्रदर्शन में व्यक्तिगत भागीदारी और शिक्षा के क्षेत्र में गरीब छात्रों को दी गई स्कॉलरशिप का हवाला दिया।
पेरियार की विचारधारा और सीएए का विरोध
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और वैचारिक मुद्दों पर अपनी सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का हमेशा खुलकर विरोध किया है। वहीं, तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति के प्रतीक पेरियार की विचारधारा पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी पेरियार की धर्म को नकारने वाली (नास्तिक) सोच को तो नहीं मानती, लेकिन सामाजिक न्याय और समानता से जुड़े उनके व्यापक सिद्धांतों को पूरी तरह स्वीकार करती है। हम किसी भी धर्म या विचारधारा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमने यह साफ कर दिया है कि हमारे वैचारिक और राजनीतिक विरोधी कौन हैं।"
अन्ना और एमजीआर की तर्ज पर 'साधारण लोगों की सरकार'
अपनी सरकार को आम नागरिकों और गरीबों का सच्चा प्रतिनिधि बताते हुए मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु के पूर्व दिग्गज मुख्यमंत्रियों सी.एन. अन्नादुरई और एम.जी. रामचंद्रन (MGR) का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिस तरह अन्नादुरई के समय राज्य में आम लोगों की सरकार थी और एमजीआर के कार्यकाल में बेहद साधारण लोगों की सरकार चलती थी, ठीक उसी तरह विजय के नेतृत्व वाली यह मौजूदा सरकार भी तमिलनाडु के सबसे साधारण और वंचित लोगों की अपनी सरकार है, जिसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की सेवा करना है।

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