IND vs AFG: हार के साथ जुर्माना भी, अफगान कप्तान पर क्यों चला ICC का चाबुक?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी के खिलाफ एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। भारत के खिलाफ एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय (वनडे) मुकाबले के दौरान आईसीसी आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन करने पर अफगान कप्तान को आधिकारिक रूप से कड़ी फटकार लगाई गई है। आईसीसी द्वारा शनिवार को जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शाहिदी को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.10.10 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह नियम किसी भी बल्लेबाज द्वारा जानबूझकर या लापरवाही से पिच के संवेदनशील हिस्से को नुकसान पहुंचाने से संबंधित है।
कड़ी फटकार के साथ ही आईसीसी ने शाहिदी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड खाते में एक डिमेरिट अंक (Demerit Point) भी जोड़ दिया है। हालांकि, पिछले 24 महीनों के क्रिकेटिंग इतिहास में अफगान कप्तान द्वारा किया गया यह पहला आधिकारिक अपराध दर्ज हुआ है।
अंपायरों की बार-बार चेतावनी को किया अनसुना, टीम को भुगतना पड़ा 5 रनों का हर्जाना
मैच के दौरान जब अफगानिस्तान की टीम बल्लेबाजी कर रही थी, तब कप्तान शाहिदी को रन चुराने के प्रयास में पिच के डेंजर एरिया (बीच के हिस्से) पर दौड़ने को लेकर मैदानी अंपायरों द्वारा दो बार अनौपचारिक (वर्बल) चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी स्थिति में सुधार न होते देख, अफगानिस्तान की पारी के 31वें ओवर में अंपायरों ने उन्हें पहली अंतिम आधिकारिक चेतावनी जारी की।
अंपायरों की इतनी कड़ाई के बावजूद शाहिदी ने अपनी आदत नहीं सुधारी और 40वें ओवर में एक बार फिर वह पिच के प्रतिबंधित क्षेत्र पर दौड़ते पाए गए। कप्तान की इस बार-बार की गई बड़ी लापरवाही के चलते मैच अधिकारियों ने ऑन-फील्ड कड़ा एक्शन लेते हुए अफगानिस्तान की टीम पर 5 रनों की पेनल्टी (दंड) लगा दी, जो अंततः विरोधी टीम के खाते में जोड़ दी गई।
शाहिदी का ऐतिहासिक शतक भी नहीं टाल सका अफगानिस्तान की हार
यदि मुकाबले की बात करें, तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने बेबस नजर आई और 44.2 ओवरों में महज 218 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई। हालांकि, एक छोर संभालते हुए कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने बेहद शानदार और जुझारू बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 102 रनों की एक शानदार शतकीय पारी खेली, जो उनके अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर का पहला शतक भी रहा।
दूसरी ओर, भारतीय टीम के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी कातिलाना स्विंग और लेंथ से अफगान बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी। कृष्णा ने शानदार अनुशासन दिखाते हुए अपने 9 ओवरों के स्पेल में सिर्फ 23 रन खर्च कर 5 महत्वपूर्ण विकेट झटके। यह प्रसिद्ध कृष्णा के वनडे करियर का पहला 'फाइव विकेट हॉल' (5 विकेट) भी रहा।
यशस्वी जायसवाल का नाबाद शतक, भारत ने 128 गेंद शेष रहते जीता मैच
जीत के लिए मिले 219 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाजों ने आते ही अफगान गेंदबाजों पर हवाई हमले शुरू कर दिए। युवा खब्बू बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और अनुभवी रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए महज कुछ ही ओवरों में 170 रनों की रिकॉर्डतोड़ और तूफानी साझेदारी कर मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया। 'हिटमैन' रोहित शर्मा ने जहां 79 रनों की कप्तानी पारी खेली, वहीं दूसरे छोर पर मौजूद यशस्वी जायसवाल ने केवल 86 गेंदों में नाबाद 110 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेली। जायसवाल की इस आतिशी पारी में 14 शानदार चौके और तीन गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।
भारत ने इस आसान से लक्ष्य को केवल 1 विकेट खोकर और मैच में 128 गेंदें शेष रहते ही बेहद आसानी से हासिल कर लिया। इस 9 विकेट की विशाल जीत के साथ ही भारत ने इस घरेलू श्रृंखला को अपने नाम कर लिया।
शुभमन गिल की कप्तानी में पहली वनडे सीरीज फतह
इस निर्णायक मुकाबले को जीतने के साथ ही भारतीय टीम ने श्रृंखला पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया है। विशेष बात यह है कि नियमित सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाल रहे युवा खिलाड़ी शुभमन गिल की वनडे कप्तान के रूप में यह पहली ऐतिहासिक सीरीज जीत भी दर्ज हो गई है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैच की पहली गेंद से ही बेहद आक्रामक और बेखौफ रवैया अपनाया। रोहित और जायसवाल की जोड़ी ने शुरुआती पावरप्ले के ओवरों में अफगानिस्तान के मुख्य तेज गेंदबाजों का डटकर सामना किया और लगातार रन बटोरकर टीम को एक यादगार जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया।

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