महिला टी20 विश्व कप 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली छह विकेट की शिकस्त के बाद भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। कप्तान ने साफ तौर पर माना कि फील्डिंग के दौरान मिले अहम मौकों को गंवाना टीम इंडिया को बेहद भारी पड़ा। हालांकि, नॉकआउट की रेस में बने रहने के लिए भारत के पास ग्रुप चरण में अभी भी दो मुकाबले बचे हुए हैं, जिसे देखते हुए कप्तान ने टीम को मानसिक रूप से मजबूत और सकारात्मक बने रहने की सलाह दी है।

राधा यादव से छूटे दो कैच, अफ्रीकी बल्लेबाजों ने उठाया पूरा फायदा

मैच के दूसरे भाग में जब भारतीय गेंदबाज 158 रनों के स्कोर का बचाव करने मैदान पर उतरे, तो खराब फील्डिंग ने उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। दक्षिण अफ्रीका की सलामी बल्लेबाज ताजमिन ब्रिट्ज को शुरुआती ओवरों में तब जीवनदान मिला जब वे महज 18 रन पर खेल रही थीं। इसके बाद सबसे बड़ी चूक स्टार ऑलराउंडर मारिजाने कैप के मामले में हुई। स्थानापन्न (सबस्टीट्यूट) फील्डर के रूप में मैदान पर आईं राधा यादव ने कैप को 25 और 65 रन के निजी स्कोर पर दो बार जीवनदान दिए।

इन जीवनदानों का फायदा उठाते हुए मारिजाने कैप ने 45 गेंदों में नाबाद 81 रनों की आतिशी पारी खेल डाली और भारत की लचर फील्ड प्लेसमेंट का फायदा उठाकर मैदान के हर कोने में बाउंड्री बटोरे। उन्होंने अपनी टीम को एक ऐतिहासिक जीत दिलाकर पवेलियन का रुख किया।

'किस्मत ने नहीं दिया साथ, लेकिन अगले दो मैच हमारे लिए निर्णायक'

मैच समाप्ति के बाद आधिकारिक बातचीत में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, "मुकाबले के बीच में हमारे पास मैच का पासा पलटने के कुछ बेहतरीन मौके आए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश हम उन मौकों को भुनाने में पूरी तरह असफल रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब आप इस तरह की गलतियां करते हैं, तो विरोधी टीम आपको वापसी का कोई मौका नहीं देती। किस्मत भी आज हमारे पक्ष में नहीं थी। बहरहाल, अभी हमारे पास दो अहम लीग मैच बाकी हैं और यह समय पिछली गलतियों पर रोने का नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ आगे की रणनीति तैयार करने का है।"

भारतीय टीम का अगला मुकाबला 25 जून को बांग्लादेश के खिलाफ होना है, जबकि इसके बाद 28 जून को टीम का सामना मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगा। कप्तान ने आगे कहा, "अगले मैच से पहले हमारे पास दो-तीन दिनों का पर्याप्त समय है। हम पूरी टीम के साथ बैठकर समीक्षा करेंगे कि कहां कमियां रह गईं और उसी के अनुरूप आगामी मैचों के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन का चयन करेंगे।"

श्री चरणी और शेफाली वर्मा की गेंदबाजी को कप्तान ने सराहा

इस मुकाबले में जहां बाकी गेंदबाज रनों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे, वहीं युवा गेंदबाज श्री चरणी ने अपने 4 ओवर के कोटे में केवल 24 रन देकर 3 महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। उनका साथ देते हुए शेफाली वर्मा ने भी किफायती गेंदबाजी की और 4 ओवर में 22 रन देकर 1 विकेट चटकाया।

कप्तान ने दोनों की प्रशंसा करते हुए कहा, "श्री चरणी और शेफाली ने पिच की स्थिति को भांपते हुए बहुत ही कसी हुई गेंदबाजी की। वे अफ्रीकी बल्लेबाजों के सामने लगातार चुनौतियां पेश कर रही थीं, लेकिन अफसोस कि दूसरे छोर से बाकी गेंदबाजों से उन्हें वह जरूरी सहयोग नहीं मिल सका जिसकी टीम को दरकार थी।"

स्पिनर्स के प्रदर्शन और टर्निंग पिच पर कप्तान की दोटूक

मैच के दौरान स्पिन गेंदबाजों के अत्यधिक इस्तेमाल पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, "जब हम दूसरी पारी में गेंदबाजी कर रहे थे, तब पिच से फिंगर स्पिनर्स को हल्की टर्न और मदद मिल रही थी। इसी वजह से हमने स्पिन आक्रमण को आजमाया। शेफाली और श्री चरणी ने परिस्थितियों का बखूबी इस्तेमाल किया, लेकिन टीम के अन्य स्पिन गेंदबाजों को भी आत्ममंथन करना होगा कि इस तरह की टर्निंग और धीमी पिचों पर किस लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की जानी चाहिए ताकि बल्लेबाजों को बांधकर रखा जा सके।"