सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित बनाने की तैयारी, RPF ने मांगे 4500 जवान और हाईटेक निगरानी व्यवस्था
उज्जैन। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले महाकुंभ 'सिंहस्थ' के दौरान करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावित आमद को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सुरक्षा का एक अभेद्य और व्यापक खाका तैयार कर लिया है। इस महापर्व के दौरान कानून व्यवस्था और यात्री सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए आरपीएफ ने 4500 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन कैमरों और 700 हाईटेक सीसीटीवी कैमरों की मांग का एक विस्तृत प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा है। योजना के अनुसार, उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन से लेकर आसपास के सभी फ्लैग स्टेशनों के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रहेगी ताकि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।
ड्रोन और डॉग स्क्वॉड से होगी स्टेशनों की हाईटेक निगरानी
सुरक्षा तैयारियों के तहत उज्जैन मुख्य रेलवे स्टेशन पर दो विशेष डॉग स्क्वॉड की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, मोहनपुरा, पंवासा, चिंतामन और विक्रमनगर जैसे नवनिर्मित फ्लैग स्टेशनों की सुरक्षा के लिए भी एक-एक डॉग स्क्वॉड का दस्ता मुस्तैद रहेगा। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए प्रत्येक स्टेशन परिसर पर एक-एक सर्विलांस ड्रोन तैनात किया जाएगा, जो आसमान से भीड़ के दबाव और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके अतिरिक्त, सभी स्टेशनों को कवर करने के लिए 700 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है, जिससे पूरे मेला क्षेत्र का लाइव कंट्रोल रूम से विश्लेषण किया जा सके।
करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन के लिए चलेंगी हजारों विशेष ट्रेनें
इस महाआयोजन में देश-विदेश से आने वाले लगभग 30 करोड़ तीर्थयात्रियों में से एक बहुत बड़ा हिस्सा भारतीय रेलवे के जरिए उज्जैन पहुंचेगा। इस भारी भीड़ के सुगम परिवहन के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा सिंहस्थ अवधि के दौरान करीब 7800 विशेष ट्रेनें संचालित करने की रूपरेखा बनाई गई है। इतनी विशाल संख्या में यात्रियों के प्रबंधन और सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए ही आरपीएफ के साथ-साथ राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने भी अपने स्तर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है।
जीआरपी की भी तगड़ी घेराबंदी और चौबीसों घंटे सुरक्षा चक्र
यात्री सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए उज्जैन जीआरपी ने भी अपनी ओर से 6000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव शासन को भेजा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र के सभी फ्लैग स्टेशनों पर अस्थायी पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों में से प्रत्येक में 100 पुलिसकर्मियों का बल तैनात रहेगा, जो दिन-रात (24x7) शिफ्ट के आधार पर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाएंगे। आरपीएफ और जीआरपी का यह संयुक्त सुरक्षा तंत्र 4500 आरपीएफ जवानों, 6000 जीआरपी कर्मियों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के साथ सिंहस्थ 2028 को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए काम शुरू कर चुका है।

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