यशस्‍वी प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शिता तथा म. प्र. के मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव की  कर्मठता से तरक्की करता मध्यप्रदेश : सुरेश पचौरी

भारत की राजनीति में विकास अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि सुशासन की कसौटी बन चुका है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी केन्‍द्रीय योजनाओं और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन ने प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। आज मध्यप्रदेश विकास, सुशासन, नवाचार और जनभागीदारी का ऐसा मॉडल बनकर उभरा है, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। मध्‍यप्रदेश की उपलब्धियां केवल सरकारी रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यहां के करोड़ों नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की सशक्त कहानी भी हैं। यही कारण है कि आज मध्यप्रदेश अनेक केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 9 लाख  से अधिक आवासों का निर्माण कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 82 लाख से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचना ग्रामीण जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन का उदाहरण है। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत 4 करोड़ 46 लाख से अधिक कार्ड वितरित कर और 71 लाख से अधिक नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराकर प्रदेश ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया आधार प्रदान किया है। किसान क्रेडिट कार्ड 6 लाख 50 हजार पशुपालकों को उपलब्‍ध हो चुके हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 52 लाख महिलाओं को लाभ मिला जो देश में अग्रणी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में भी मध्‍यप्रदेश देश में अग्रणी है।

कृषि क्षेत्र में नई ऊँचाइयों की ओर

मध्यप्रदेश की पहचान कृषि प्रधान राज्य के रूप में रही है, लेकिन आज यह कृषि नवाचार और उत्पादन क्षमता के कारण राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका में दिखाई देता है। प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन व गेंहू उत्‍पादन में देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि दलहन एवं तिलहन उत्पादन में प्रथम स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है। मक्का उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य होने के साथ-साथ गेहूं, चना, उड़द और मसूर उत्पादन में भी मध्यप्रदेश शीर्ष राज्यों में शामिल है। एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के तहत 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रकरण स्वीकृत कर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ‘एग्री स्टैक’ परियोजना के तहत एक करोड़ से अधिक यूनिक फार्मर आईडी बनाकर मध्यप्रदेश भारत सरकार से शत-प्रतिशत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का एकमात्र राज्य बना है। यह उपलब्धि डिजिटल कृषि क्रांति की दिशा में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश की गंभीरता को दर्शाती है।
इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आधार मिला है। जैसे मत्स्य पालन और पशुपालन के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने का प्रभावी प्रयास है।

डिजिटल गवर्नेंस और सुशासन का मॉडल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। देश का पहला साइबर पंजीयन कार्यालय और सभी 55 जिलों में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करना सुशासन की दिशा में क्रांतिकारी पहल मानी जा रही है। भारत नेट योजना के अंतर्गत 20,422 ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाकर प्रदेश ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखा है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश आज डिजिटल प्रशासन और तकनीक आधारित सेवा वितरण में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है।

निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र

मध्यप्रदेश तेजी से निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने वाला देश का तीसरा राज्य बनना इसकी बढ़ती आर्थिक शक्ति का प्रमाण है। धार में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र का विकास तथा खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि प्रदेश उद्योग और रोजगार सृजन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। इसके साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर’ सम्मान प्राप्त होना उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं की स्वीकृति है। पर्यटकों के लिए अंतरराज्यीय हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने वाला यह देश का पहला राज्य है।

स्वच्छता के क्षेत्र में भी प्रदेश ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीतकर नया इतिहास रचा है, जबकि भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के चलते नशामुक्ति अभियान के प्रभावी संचालन और अब नक्सलवाद से पूर्ण मुक्ति प्राप्त करना प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है। यह उपलब्धि न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि विकास के नए अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करती है। विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश की निर्णायक भूमिका के तहत आज का मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी नीतियों और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सक्रिय नेतृत्व का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। जनकल्याण, सुशासन, कृषि, उद्योग, डिजिटल नवाचार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियां यह प्रमाणित करती हैं कि मध्‍यप्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। डबल इंजन की सरकार में यह केवल योजनाओं का सफल क्रियान्वयन नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, सरकार की प्रतिबद्धता और विकास की राजनीति का जीवंत उदाहरण है। मध्यप्रदेश आज उस विकसित भारत का प्रतिनिधि बनकर उभर रहा है, जो आत्मनिर्भर, समृद्ध, सुरक्षित और उज्‍जवल भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ अग्रसर है।

(लेखक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं)