इंदौर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब बड़ा गणपति स्थित शासकीय शारदा कन्या विद्यालय में बच्चों से मुलाकात करने पहुंचे, तो वहां एक ऐसी भावुक और अप्रत्याशित घटना घटी जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। पीलिया खाल क्षेत्र की रहने वाली एक परेशान महिला, पिंकी वर्मा, रोते हुए सीधे मुख्यमंत्री के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंच गई। महिला का आरोप था कि मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण उसका आशियाना छीना जा रहा है, लेकिन अधिकारी मुआवजे में उसके साथ पक्षपात कर रहे हैं। इस अचानक हुई घटना से स्कूल परिसर में कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई।

मेट्रो मुआवजे में भेदभाव का गंभीर आरोप

पीड़ित महिला पिंकी वर्मा ने रोते हुए मुख्यमंत्री को अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि इलाके में मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए करीब 16 मकानों को तोड़ा जा रहा है, जिसमें उसका घर भी शामिल है। महिला का गंभीर आरोप है कि उसके आसपास के 15 मकान मालिकों को लगभग 40-40 लाख रुपये का मुआवजा दे दिया गया है, लेकिन मेट्रो प्रबंधन के अधिकारी उसके घर के बदले महज 16 लाख रुपये का मुआवजा ही ऑफर कर रहे हैं। महिला ने कहा कि वह इस भेदभाव के खिलाफ पिछले तीन-चार महीनों से लगातार सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर काट रही थी, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।

लिखित आदेश के लिए अड़ी पीड़ित महिला

प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर महिला इतनी बेबस हो चुकी थी कि उसने मुख्यमंत्री के पास पहुंचते ही अपनी गुहार लगाते हुए कथित तौर पर उनके पैर पकड़ लिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत महिला को ढांढस बंधाया और मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को तलब कर लिया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि हर हाल में पीड़िता की पूरी मदद की जाए और नियमों के तहत उचित मुआवजा दिलाया जाए। हालांकि, महीनों से परेशान महिला इतनी डरी हुई थी कि वह मौके पर ही लिखित आदेश की मांग को लेकर अड़ गई।

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही लिखकर दिया आदेश

महिला के दर्द और उसकी जिद को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। उन्होंने मौखिक आश्वासन देने के बजाय तुरंत महिला के हाथ से उसका आवेदन पत्र लिया और उस पर अधिकारियों के लिए उचित मुआवजा देने का लिखित आदेश (नोट) जारी कर दिया। मुख्यमंत्री के इस त्वरित और मानवीय फैसले के बाद महिला को न्याय की उम्मीद जगी है। इस घटना का वीडियो और मुख्यमंत्री का यह एक्शन अब प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच काफी चर्चा बटोर रहा है।