रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चारमार गांव के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है। सोमवार को एक जंगली हाथी मालगाड़ी की टक्कर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य (रेस्क्यू) शुरू कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रात के समय करीब 10 हाथियों का एक झुंड चारमार क्षेत्र में रेलवे ट्रैक को पार करके जंगल की तरफ बढ़ रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक मालगाड़ी की चपेट में आने से एक हाथी बुरी तरह जख्मी हो गया। ट्रेन की टक्कर से हाथी के शरीर के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं।

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचा वन अमला, डॉक्टरों की टीम रवाना

हादसे के बाद जब स्थानीय ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही वनकर्मी और भारी संख्या में ग्रामीण घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। वन विभाग की टीम घायल हाथी की लगातार निगरानी कर रही है और उसके इलाज के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए वनमंडलाधिकारी ने बिलासपुर के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) मनोज पांडेय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बिलासपुर के कानन पेंडारी जू के प्रसिद्ध वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पीके चंदन को साथ लेकर उच्चाधिकारियों की टीम रायगढ़ के लिए रवाना हो चुकी है, ताकि हाथी को उचित और त्वरित चिकित्सा मिल सके।

हाथियों के आक्रामक होने का खतरा, सतर्क रहने की अपील

वन विभाग के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती यह है कि घायल हाथी के दल के अन्य साथी भी अभी उसी वन्य क्षेत्र के आसपास ही मौजूद हैं। हाथियों के झुंड की मौजूदगी के कारण वन अमला भी बेहद सावधानी बरत रहा है और सीधे उनके नजदीक जाने का जोखिम नहीं उठा रहा है। केवल सुरक्षित दूरी से घायल हाथी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे कौतूहलवश घटना स्थल के पास भीड़ जमा न करें। जंगली हाथियों का व्यवहार इस समय बेहद संवेदनशील और आक्रामक हो सकता है, इसलिए ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।