सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व का दिव्य उद्घोष - अटूट आस्था के 1000 वर्ष का गौरवोत्सव प्रारंभ
गिर सोमनाथ| सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, अटूट आस्था के 1000 वर्ष के उपलक्ष्य में 8 से 10 जनवरी स्वाभिमान पर्व को श्रद्धापूर्वक उत्सव का प्रारंभ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10–11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर सोमनाथ में उपस्थित रहेंगे। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की पूर्व संध्या पर राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पूरे सोमनाथ क्षेत्र में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं और जनता के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विभिन्न विभागों के सचिव एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्वाभिमान पर्व अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में व्यवस्थाएं सुचारु रूप से बनी रहें, इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित कर कार्य पूर्ण किया गया है।
7 जनवरी की रात को सोमनाथ के विभिन्न मार्गों को अत्यंत सुंदर ढंग से रोशनी और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीकों से सजाया गया। त्रिवेणी रोड, हमीरसिंह सर्कल, शंख सर्कल, भीडिया-पाटण रोड, सर्किट हाउस रोड तथा सोमनाथ मंदिर क्षेत्र के मार्गों को साज-सज्जा, रोशनी, शिव आराधना के चित्रों, ध्वजों, सड़कों पर भगवान शिव की मूर्तियों सहित विभिन्न तैयारियों से सजाया गया है, जिससे संपूर्ण सोमनाथ सज्ज हो उठा है। समग्र गुजरात से शिव भक्त ट्रेन और बसों के माध्यम से सोमनाथ पहुंच रहे हैं। तीन दिनों तक होने वाले अखंड ‘ओमकार’ मंत्रोच्चार से सोमनाथ का वातावरण अलौकिक अनुभूति के साथ दिव्य बन गया है। वर्ष 1026 से 2026 तक के संघर्ष, शौर्य, वीरता, स्वाभिमान और अटूट श्रद्धा के 1000 वर्षों के साथ स्वाभिमान पर्व का यह संदेश नई पीढ़ी को भारत की शाश्वत सनातन संस्कृति की गाथा को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।

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