जर्मनी में भारतीय छात्र की मौत, आग से बचने की कोशिश में अपार्टमेंट से कूदा; घर पर पसरा मातम
बर्लिन। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक भारतीय छात्र की बुधवार की रात भीषण अग्निकांड में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उनके अपार्टमेंट में भीषण आग लगी। आग और घने धुएं से बचने की कोशिश में छात्र अपार्टमेंट की ऊपरी मंजिल से कूद गया और उसके सिर पर चोटें आईं। उसे पास के अस्पताल में ले जाया गया। लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान तेलंगाना के जंगांव जिले के मल्कापुर गांव निवासी रितिक रेड्डी (25 वर्षीय) के रूप में हुई है। संक्रांति के त्योहार पर उनका परिवार उनके घर लौटने का इंतजार कर रहा था। लेकिन नए साल के पहले दिन यह हादसा हो गया। उनके निधन की खबर सुनकर घर शोक में डूब गया। परिवार अब उनके असामयिक निधन से सदमे में है। रिपोर्ट के मुताबिक, रितिक रेड्डी यूरोप विश्वविद्यालय से एमएस की पढ़ाई के लिए जून 2023 में जर्मनी के मैगडेबर्ग गए थे। उन्होंने 2022 में वाग्देवी इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक किया था। बताया जा रहा है कि रितिक ने दशहरा के समय छुट्टी को टाल दिया और योजना बनाई थी कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में संक्रांति के लिए घर लौटेंगे।जर्मनी के स्थानीय अधिकारी आग लगने के कारण की जांच कर रहे हैं। इसी बीच, रितिक का परिवार और उनके मित्र तेलंगाना से विदेश मंत्रालय (एमईए) और जर्मनी में भारतीय दूतावास से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उनके शव को उनके घर गांव लाने की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके। पिछले महीने जंगांव जिले की सहज रेड्डी उदुमला (24 वर्षीय महिला) की अमेरिका में घर की आग लगने के कारण मौत हो गई थी। सहज रेड्डी 2021 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गई थीं। वह न्यूयॉर्क के अल्बानी में रह रही थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग पड़ोसी भवन से शुरू हुई और तेजी से सहज के घर तक फैल गई। बताया गया कि आग लगने के समय वह सो रही थीं और बाहर नहीं निकल पाईं।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सृष्टि को घर के बिजली बिल में मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: सीसी रोड बनने से ग्रामीणों को मिली राहत
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बुलडोजर एक्शन पर टिप्पणी को लेकर विवाद, अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं